नई दिल्ली (Naren Danu) : स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी में बुधवार को देशभक्ति का जोश सड़कों पर नजर आया। ‘हर घर तिरंगा 2026’ अभियान के तहत उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सांसदों के साथ विशेष बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। संस्कृति मंत्रालय की ओर से आयोजित इस रैली का आयोजन राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में किया गया।
रैली में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, राजीव रंजन सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत, वीरेंद्र कुमार, जी. किशन रेड्डी और जितेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में सांसद और गणमान्य लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए सांसदों और युवाओं ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
‘वंदे मातरम्’ ने जगाई थी आजादी की चेतना: उपराष्ट्रपति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता संग्राम में देशभक्ति की भावना जगाने वाली सबसे बड़ी प्रेरणाओं में से एक रहा। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई ने भाषा, क्षेत्र और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर पूरे देश को एक सूत्र में बांधा और ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय चेतना का सशक्त प्रतीक बना।
उन्होंने देशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में तिरंगा फहराकर राष्ट्रीय सम्मान और एकता का संदेश देने की अपील की।
अंडमान के ऐतिहासिक फ्लैग प्वाइंट का भी किया जिक्र
उपराष्ट्रपति ने हाल ही में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के श्री विजयपुरम स्थित फ्लैग प्वाइंट पर तिरंगा फहराकर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत किए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह वही ऐतिहासिक स्थल है, जहां सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को तिरंगा फहराकर अंडमान-निकोबार को ब्रिटिश शासन से मुक्त घोषित किया था।
‘तिरंगा 140 करोड़ भारतीयों के सपनों का प्रतीक’
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प, आकांक्षाओं और सपनों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बाइक रैली स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करने के साथ-साथ देश की नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र निर्माण की भावना का उत्सव भी है।
रैली के दौरान तिरंगे के साथ निकले सांसदों और युवाओं ने स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में राष्ट्रभक्ति, एकता और नागरिक जिम्मेदारी का संदेश देने का संकल्प दोहराया।