लुधियाना (Narendra Singh Danu) : पंजाब भर की नगर पंचायतों, नगर कौंसिलों और नगर निगमों में कर्मचारियों एवं यूनियनों की ओर से सरकार के वादों को लेकर एक दिवसीय रोष प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में नगर निगम संघर्ष कमेटी पंजाब ने लुधियाना नगर निगम जोन-ए के बाहर गेट रैली कर पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद संघर्ष कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री और स्थानीय निकाय मंत्री के नाम एक मांग पत्र जोनल कमिश्नर नीरज जैन और गुरपाल सिंह को सौंपा गया। इस दौरान संघर्ष कमेटी के वरिष्ठ नेता नरेश धींगान ने कहा कि पंजाब सरकार बार-बार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन देती है, लेकिन बाद में वादों से पीछे हट जाती है। इसी के विरोध में पूरे पंजाब में निगम कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया है।
नरेश धींगान ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि नगर निगमों में चल रही ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर कर्मचारियों की सीधी भर्ती की जाए। उन्होंने बताया कि नगर निगम हाउस की ओर से 6 मई 2025 को प्रस्ताव नंबर 23 पास कर आउटसोर्स और सफाई कर्मचारियों, माली, बेलदार, ड्राइवर सहित अन्य कर्मचारियों को नियमित करने की मांग सरकार को भेजी गई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में पक्के किए गए कर्मचारियों में से करीब 800 कर्मचारी उम्र सीमा अधिक होने के कारण नियमित होने से वंचित रह गए थे। इन कर्मचारियों को अभी तक नियुक्ति पत्र भी नहीं मिले हैं।
संघर्ष कमेटी ने मांग की कि सभी कर्मचारियों को मेडिकल कैशलेस कार्ड जारी किए जाएं, पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए, डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के काम में ठेकेदारी सिस्टम खत्म किया जाए और 95 वार्डों में वरिष्ठता के आधार पर सफाई सुपरवाइजर नियुक्त किए जाएं। इसके अलावा मृत डीसी रेट कर्मचारियों के परिवारों को तरस के आधार पर नौकरी देने की मांग भी उठाई गई।
ज्ञापन लेने पहुंचे अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि जल्द ही नगर निगम कमिश्नर के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
इस मौके पर नरेश धींगान, संजीव गिल, दीपक हंस, अजयपाल दिशावर, नेताजी सोंधी, रवि बाली, विपन कल्याण सहित संघर्ष कमेटी के कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।