जालंधर (Narendra Singh Danu) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित जालंधर कैंट (जेआरसी) रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बुधवार को स्टेशन का निरीक्षण किया।
केंद्रीय मंत्री ने फिरोजपुर मंडल के वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ स्टेशन परिसर का दौरा कर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण पंजाब के लिए बड़ी सौगात है और इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
110 साल पुराने स्टेशन को मिला नया स्वरूप
करीब 110 वर्ष पुराने जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया गया है। परियोजना में स्टेशन की ऐतिहासिक पहचान को बरकरार रखते हुए पंजाब की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी शामिल की गई है।
पुनर्विकसित स्टेशन में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ बेहतर आवागमन व्यवस्था विकसित की गई है। यहां विशाल डबल-हाइट एयर कॉन्कोर्स, स्टील प्लेटफॉर्म रूफिंग, स्लिप-प्रतिरोधी फर्श, ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइटिंग और शहर के दोनों ओर से प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
दो नए फुट ओवर ब्रिज समेत बढ़ी सुविधाएं
यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए स्टेशन पर 6 मीटर और 9 मीटर चौड़ाई वाले दो नए फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) बनाए गए हैं।
इसके अलावा 40 मीटर चौड़ी ट्रफ रूफ तैयार की गई है, जो 200 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म क्षेत्र के करीब 8,720 वर्गमीटर हिस्से को कवर करती है। स्टेशन पर 36 मीटर चौड़ा और 1,770 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला आधुनिक एयर कॉन्कोर्स भी बनाया गया है।
परियोजना के तहत नया द्वितीय प्रवेश भवन और करीब 4,855 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला पार्किंग क्षेत्र भी विकसित किया गया है।
रोजाना 7,500 यात्रियों की आवाजाही
रेलवे अधिकारियों के अनुसार जालंधर कैंट स्टेशन से प्रतिदिन औसतन 7,500 यात्री सफर करते हैं। यहां रोजाना 66 अप और 66 डाउन ट्रेनों का ठहराव होता है। इनमें वंदे भारत एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, गरीब रथ एक्सप्रेस समेत कई मेल, एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनें शामिल हैं।
स्टेशन पूरी तरह यात्री सेवाओं के लिए समर्पित है और यहां किसी प्रकार की माल ढुलाई गतिविधि नहीं होती।
पंजाब की विरासत और आधुनिक सुविधाओं का संगम
निरीक्षण के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने पुनर्विकास कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष जताते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्टेशन यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक यात्रा अनुभव देगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारतीय रेलवे के सुरक्षित, सुगम और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही यह पंजाब की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को भी प्रदर्शित करेगा।