900 मेडिकल कर्मचारियों की नौकरी जाने को बताया मजदूर वर्ग के लिए चेतावनी

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : कांग्रेस ने अमेरिका की हेल्थकेयर एनालिटिक्स कंपनी कोरोहेल्थ द्वारा केरल के कोच्चि और कोझिकोड स्थित कार्यालयों में करीब 900 मेडिकल कर्मचारियों की अचानक छंटनी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस घटना को मजदूर वर्ग के लिए चेतावनी बताते हुए नई श्रम संहिताओं को लेकर सवाल उठाए हैं।

वेणुगोपाल ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि कर्मचारियों को एक ही सुबह सेवा समाप्ति और पूर्ण एवं अंतिम निपटान पत्र थमा दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को उचित प्रक्रिया और पर्याप्त मुआवजे के बिना नौकरी से हटाया गया।

कांग्रेस नेता ने कहा कि औद्योगिक संबंध संहिता में कर्मचारी की परिभाषा को सीमित करने से आईटी और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले बड़ी संख्या में कर्मचारी इसके सुरक्षा दायरे से बाहर हो जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निश्चित अवधि के रोजगार को कानूनी मान्यता देने से स्थायी नौकरियों की जगह अस्थायी रोजगार व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने श्रम संहिताएं बड़े कॉरपोरेट हितों को ध्यान में रखकर बनाई हैं, जिससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे। उन्होंने मांग की कि इन कानूनों को संसदीय समीक्षा के लिए वापस भेजा जाए और मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनमें बदलाव किए जाएं।

गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को कोरोहेल्थ के कोच्चि और कोझिकोड कार्यालयों में कार्यरत करीब 900 मेडिकल कोडिंग प्रोफेशनल्स को नौकरी से हटा दिया गया था। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना पूर्व सूचना और नोटिस पीरियड का पालन किए बिना हटाया गया। मामले में विरोध प्रदर्शन के बाद स्थानीय विधायक उमा थॉमस ने भी हस्तक्षेप किया।