पूर्व करेक्शनल ऑफिसर को दो साल की सशर्त सजा, जांच में जेल सुरक्षा से समझौता और हत्या की साजिश से जुड़े गंभीर आरोप भी सामने आए

जालंधर (Narendra Singh Danu) : कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में पंजाबी मूल की पूर्व महिला जेल गार्ड रमनदीप को एक कैदी के साथ प्रेम संबंध रखने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले में अदालत ने दो वर्ष की सशर्त सजा सुनाई है। सजा के तहत उन्हें तय अवधि तक घर में नजरबंद रहना होगा और अदालत की शर्तों का पालन करना होगा।

31 वर्षीय रमनदीप ने मार्च 2021 में नॉर्थ फ्रेजर प्रीट्रायल सेंटर में करेक्शनल ऑफिसर के रूप में नौकरी शुरू की थी। जांच के अनुसार सितंबर 2021 से करीब एक वर्ष तक उनका एक कैदी के साथ गुप्त संबंध रहा। आरोप है कि वह कैदी के पास मौजूद अवैध मोबाइल फोन की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई से पहले उसे सतर्क कर देती थीं।

अदालत ने बताया सार्वजनिक विश्वास का उल्लंघन

फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि रमनदीप की लापरवाही से जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ी। अदालत ने माना कि आरोपी ने अपराध स्वीकार किया है, लेकिन यह केवल व्यक्तिगत गलती नहीं बल्कि सार्वजनिक विश्वास का गंभीर उल्लंघन है।

हत्या की साजिश की जांच में खुला मामला

पूरा मामला तब सामने आया जब एक वरिष्ठ जेल अधिकारी की हत्या की कथित साजिश की जांच शुरू हुई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि रमनदीप ने अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की तस्वीर संबंधित कैदी तक पहुंचाई थी, जिसके आधार पर अधिकारी की पहचान कर साजिश रची गई। यह मामला बाद में कनाडा पुलिस की प्रोजेक्ट साउथ जांच का अहम हिस्सा बना।

जांच में एक और पंजाबी महिला अधिकारी का नाम

मामले की जांच के दौरान जालंधर के दोसांझ कलां गांव से जुड़े परिवार की एक अन्य करेक्शनल अधिकारी निशवंत कौर दोसांझ का नाम भी सामने आया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में तैनाती के दौरान उनके एक कैदी गुरप्रीत सिंह से निजी संबंध थे। पुलिस का दावा है कि दोनों जेल के आधिकारिक सिस्टम के अलावा कथित अवैध मोबाइल फोन के जरिए भी संपर्क में रहते थे।

आरोप, लेकिन अभी अंतिम फैसला नहीं

जांच एजेंसियों का आरोप है कि निशवंत ने वरिष्ठ अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की तस्वीर उपलब्ध कराकर हत्या की साजिश में कथित भूमिका निभाई। हालांकि इस मामले में अभी अदालत द्वारा कोई दोष सिद्ध नहीं किया गया है।

निशवंत की वकील किम स्कोफील्ड ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल ने जांच में पूरा सहयोग किया है और वह निर्दोष हैं। वहीं गुरप्रीत सिंह के वकील ब्रायन ग्रीनस्पैन का कहना है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ अभी तक कोई औपचारिक आरोप तय नहीं हुए हैं और मामला अदालत में विचाराधीन है।