नई दिल्ली (Narendra Singh Danu): पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव समिति को लेकर सामने आई नाराजगी की खबरों के बीच कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने पार्टी में किसी भी तरह के असंतोष से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने की पूरी स्वतंत्रता है।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी में कई वरिष्ठ और जनाधार वाले नेता हैं। उनके समर्थक उत्साह के साथ अपनी राय रखते हैं, जिसे अक्सर मीडिया विवाद के रूप में पेश कर देता है। उन्होंने कहा कि इसे पार्टी में संकट या गुटबाजी नहीं माना जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि पंजाब में मौजूदा सरकार के खिलाफ माहौल बन रहा है और कांग्रेस एक बार फिर जनता का विश्वास जीतने की स्थिति में है। उनके मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा।
परिसीमन और निर्वाचन आयोग पर भी साधा निशाना
जयराम रमेश ने लोकसभा सीटों के संभावित परिसीमन और संवैधानिक संशोधन के मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस किसी भी ऐसे कदम का विरोध करेगी, जिससे देश के लोकतांत्रिक और संघीय ढांचे पर असर पड़े।
उन्होंने कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि आयोग निष्पक्ष संस्था की तरह नहीं, बल्कि भाजपा के एक अंग की तरह काम कर रहा है। कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे।
राम मंदिर चढ़ावा और ऑपरेशन सिंदूर का भी उठाया मुद्दा
जयराम रमेश ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग दोहराई और कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर रक्षा मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल द्वारा दिए गए विशेषाधिकार हनन नोटिस का जिक्र करते हुए कहा कि अब इस मामले में फैसला लोकसभा अध्यक्ष को करना है।