मुंबई (Narendra Singh Danu) : मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना को बड़ी रफ्तार मिली है। परियोजना के तहत पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने रविवार से विखरोली शाफ्ट से बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित भूमिगत स्टेशन तक सुरंग खोदने का काम शुरू कर दिया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस कार्य का औपचारिक शुभारंभ करने वाले थे, लेकिन भारी बारिश और रेड अलर्ट के चलते कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। हालांकि तय कार्यक्रम के अनुसार मशीन ने खुदाई शुरू कर दी।
राष्ट्रीय हाईस्पीड रेल निगम (NHSRCL) के अनुसार, मुंबई में कुल 21 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग बनाई जा रही है। इसमें 16 किलोमीटर हिस्सा TBM से, जबकि शेष 5 किलोमीटर न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) से पहले ही तैयार किया जा चुका है।
यह मशीन विखरोली से 6 किलोमीटर लंबी सिंगल-ट्यूब सुरंग तैयार करेगी, जिसमें बुलेट ट्रेन के अप और डाउन दोनों ट्रैक होंगे। सुरंग बहुमंजिला इमारतों, प्रमुख सड़कों, मीठी नदी और घनी आबादी वाले इलाकों के नीचे से गुजरेगी।
भारत की सबसे बड़ी रेल टनलिंग मशीन
व्यास: 13.6 मीटर (करीब चार मंजिला इमारत जितना)
वजन: 3,100 टन
लंबाई: 96 मीटर
कटर व्हील की गति: 4 चक्कर प्रति मिनट
यह अत्याधुनिक मिक्सशील्ड TBM मिश्रित भूभाग और अधिक भूजल दबाव वाली परिस्थितियों में सुरक्षित खुदाई के लिए डिजाइन की गई है। मशीन खुदाई के साथ-साथ सुरंग की कंक्रीट रिंग भी लगाती चलेगी, जिससे निर्माण तेज और सुरक्षित होगा।
परियोजना के लिए विखरोली में 56 मीटर गहरा लॉन्च शाफ्ट बनाया गया है। वहीं, ठाणे के म्हापे स्थित कास्टिंग यार्ड में 77 हजार कंक्रीट सेगमेंट तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे 7,700 टनल रिंग बनाई जाएंगी।
सुरंग निर्माण के दौरान आसपास की इमारतों और जमीन की निगरानी के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, सिस्मोग्राफ, स्ट्रेन गेज और अन्य आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं, ताकि निर्माण पूरी तरह सुरक्षित और बिना व्यवधान के पूरा किया जा सके।