भारत तिब्बत सहयोग मंच करेगा सेमिनार, प्रार्थना सभा, पौधारोपण और युवा संवाद; शांति व करुणा का संदेश देने पर जोर

जम्मू (Narendra Singh Danu) : परमपावन दलाई लामा के 91वें जन्मदिवस के अवसर पर भारत तिब्बत सहयोग मंच (बीटीएसएम) जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी जिलों में सप्ताहभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसकी रूपरेखा जम्मू में आयोजित संगठन की बैठक में तय की गई।

बैठक की अध्यक्षता बीटीएसएम के बौद्धिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह-संयोजक एवं जम्मू-कश्मीर-लद्दाख इकाई के अध्यक्ष डॉ. विवेक शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में शैक्षणिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों के जरिए दलाई लामा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

कई कार्यक्रम होंगे आयोजित

डॉ. शर्मा ने बताया कि सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रमों में सेमिनार, प्रार्थना सभाएं, प्रदर्शनी, पौधारोपण अभियान और विद्यार्थियों व युवाओं के साथ संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य करुणा, शांति, अहिंसा और सार्वभौमिक भाईचारे के संदेश को समाज तक पहुंचाना है।

दलाई लामा के योगदान पर होगा फोकस

उन्होंने कहा कि दलाई लामा ने अपना पूरा जीवन मानवीय मूल्यों, अंतरधार्मिक सद्भाव, अहिंसा और तिब्बती संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित किया है। उनके विचार आज भी दुनिया भर में करोड़ों लोगों को शांति, सहिष्णुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की प्रेरणा देते हैं।

डॉ. शर्मा के अनुसार, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल जन्मदिवस मनाना नहीं, बल्कि वैश्विक शांति, पर्यावरण संरक्षण, मानवीय मूल्यों और संवाद के जरिए विवादों के समाधान में दलाई लामा के योगदान से लोगों को अवगत कराना भी है।

6 जुलाई को मनाएंगे 91वां जन्मदिवस

बीटीएसएम ने बताया कि परमपावन दलाई लामा का जन्म 6 जुलाई 1935 को तिब्बत के तक्त्सेर में हुआ था और इस वर्ष 6 जुलाई 2026 को वे अपना 91वां जन्मदिवस मनाएंगे।

संगठन ने समाज के सभी वर्गों से इन कार्यक्रमों में भाग लेने और शांति, करुणा, सद्भाव तथा पारस्परिक सम्मान के मूल्यों को आगे बढ़ाने की अपील की है।