नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि जिम्मेदार बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की खबरों ने देशभर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है।
'सिर्फ कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों?'
आराधना मिश्रा ने सवाल उठाया कि मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका की जांच या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई सामने नहीं आई।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गठित ट्रस्ट की निगरानी में हुआ था। ऐसे में केंद्र सरकार इस मामले से अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती।
नियुक्ति प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि गिरफ्तार कर्मचारियों की नियुक्ति ट्रस्ट की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से एजेंसी ने की थी। ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया और पृष्ठभूमि सत्यापन को लेकर भी कई सवाल खड़े होते हैं, जिनका अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर सवाल
आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के कथित चढ़ावा घोटाले के बावजूद प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता नजर नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि जांच को केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।
'सरकार पारदर्शी जांच कराए'
कांग्रेस ने कहा कि इससे पहले भी राम मंदिर से जुड़े भूमि सौदों को लेकर सवाल उठे थे और अब चढ़ावे से जुड़े कथित मामले ने नई शंकाएं पैदा कर दी हैं। पार्टी ने मांग की कि सरकार पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
नोट: यह कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप और की गई मांगें हैं। मामले में जांच और आधिकारिक निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।