नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले सात दिनों से आमरण अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर उनके समर्थकों ने गंभीर चिंता जताई है। समर्थकों का दावा है कि लगातार भूख हड़ताल के कारण उनका वजन करीब 5.5 किलोग्राम घट गया है और उनका ब्लड प्रेशर व शुगर स्तर सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है।
सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर दावा किया कि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है और उन्हें तत्काल चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता है।
इस्तीफे तक अनशन जारी रखने का दावा
दीपके के अनुसार, सोनम वांगचुक ने कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते या सरकार उन्हें पद से नहीं हटाती, तब तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
समर्थकों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की
वांगचुक के समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी बिगड़ती सेहत के बीच कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की अपील की है।
15 दिनों से जारी है प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से पिछले 15 दिनों से प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी आंदोलन के तहत सोनम वांगचुक पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
हालांकि, सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब तक संबंधित सरकारी एजेंसियों या चिकित्सकीय अधिकारियों की ओर से उनकी चिकित्सकीय स्थिति पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।