नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 के तहत 23 आतंकियों को आधिकारिक तौर पर 'आतंकवादी' घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर सभी के नाम अधिनियम की चौथी अनुसूची में शामिल कर दिए हैं।
सरकार के अनुसार घोषित आतंकियों में 17 पाकिस्तानी नागरिक और 6 भारतीय शामिल हैं। इनमें 13 आतंकी जैश-ए-मोहम्मद, 9 लश्कर-ए-तैयबा और एक द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़ा बताया गया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक सभी वर्तमान में पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) से अपने नेटवर्क संचालित कर रहे हैं।
आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप
गृह मंत्रालय के अनुसार इन व्यक्तियों को भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचने, आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण, सीमा पार घुसपैठ, हथियार एवं गोला-बारूद की आपूर्ति, आतंकी संगठनों को वित्तीय और रसद सहायता उपलब्ध कराने सहित विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आधार पर UAPA की धारा-35 के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है।
जैश और लश्कर के कई प्रमुख चेहरे सूची में
घोषित आतंकियों में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जेहादी और गुलाम फरीद शामिल हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार इन पर घुसपैठ, आतंकी भर्ती, प्रशिक्षण और हथियारों की आपूर्ति जैसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।
वहीं लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े फिरदौस अहमद भट, हारून राशिद गनाई, बिलाल अहमद मीर और आबिद कयूम लोन के नाम भी सूची में शामिल किए गए हैं। इनमें कुछ जम्मू-कश्मीर के निवासी बताए गए हैं, जो वर्तमान में पाकिस्तान या PoJK से कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।
सरकार का संदेश
गृह मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है और देश की सुरक्षा के लिए आतंकियों के हर नेटवर्क और मॉड्यूल को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।