कई राज्यों में संयुक्त कार्रवाई; सीमा पार हैंडलर्स से संपर्क और आतंकी नेटवर्क तैयार करने का आरोप, UAPA के तहत केस दर्ज

अहमदाबाद (Narendra Singh Danu) : गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने कई राज्यों में संयुक्त अभियान चलाकर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के संपर्क में था और देश में आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की साजिश रच रहा था।

एटीएस के अनुसार, अभियान गुजरात के बनासकांठा, पाटन और नवसारी जिलों के अलावा मध्य प्रदेश के देवास में स्थानीय पुलिस के सहयोग से चलाया गया। गिरफ्तार सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए एटीएस मुख्यालय लाया गया है।

कट्टरपंथी प्रचार से प्रभावित होने का आरोप

प्रारंभिक जांच में एजेंसियों ने दावा किया है कि आरोपी कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाषणों और प्रचार सामग्री से प्रभावित थे। आरोप है कि वे संगठन के लिए स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक नेटवर्क तैयार करने, प्रचार-प्रसार करने और भविष्य की संभावित आतंकी गतिविधियों के लिए आधार तैयार कर रहे थे।

पुरानी कार और बिना रजिस्ट्रेशन की संपत्तियों का इस्तेमाल

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मॉड्यूल ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बिना पंजीकरण वाली संपत्तियों का इस्तेमाल किया। अधिकारियों का दावा है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से उन्हें करीब तीन लाख रुपये मिले थे, जिनसे एक पुरानी कार खरीदी गई। आरोप है कि वाहन को जानबूझकर अपने नाम पर ट्रांसफर नहीं कराया गया, ताकि पहचान छिपी रहे।

डिजिटल और अन्य सामग्री बरामद

एटीएस ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई डिजिटल साक्ष्य और अन्य सामग्री बरामद की गई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से पाकिस्तान में प्रकाशित साहित्य और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से संपर्क का दावा

एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मॉड्यूल के पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स के संपर्क में होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

सभी आठ आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।