नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और इस मुद्दे पर विपक्षी दलों द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को लिखे गए पत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
भाजपा मुख्यालय में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में त्रिवेदी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपनी पार्टियों को निजी और जातिगत जागीर की तरह चलाते हैं। जनता का विश्वास खोने के बाद अब वे संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
'SIR पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया'
त्रिवेदी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कोई नई या असाधारण प्रक्रिया नहीं है। निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार समय-समय पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराते रहे हैं और विभिन्न न्यायालय भी इस प्रक्रिया को वैध ठहरा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष अदालत में भी अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस तथ्य पेश नहीं कर पाया।
CJI को लिखे पत्र पर भी सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि विपक्षी दलों ने जिस भाषा में मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है, उसमें उन्हें आपातकाल के दौर जैसा अहंकार दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी सार्वजनिक रूप से कहा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण से कांग्रेस को फायदा हुआ।
त्रिवेदी ने यह भी कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं से SIR प्रक्रिया में सक्रिय रहने को कह रहा है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर उसी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।
कांग्रेस के शासन मॉडल पर निशाना
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस शासित राज्यों के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए गुजरात को विकास का मॉडल बनाया, जबकि कांग्रेस शासित राज्यों में तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और खराब प्रशासन देखने को मिलता है।
उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बेवजह आरोप लगाने का भी आरोप लगाया और कहा कि जनता लगातार ऐसे राजनीतिक रवैये को नकार रही है।