अमृतसर (Narendra Singh Danu) : पाकिस्तान के फर्रुखाबाद स्थित करीब 125 वर्ष पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के एक हिस्से को बुलडोजर से गिराए जाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गुरुद्वारे के ढांचे को ध्वस्त कराने वाले स्थानीय कारोबारी ने संबंधित सरकारी विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) या अन्य आवश्यक कानूनी मंजूरी नहीं ली थी। इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
घटना के बाद सिख संगठनों में भारी रोष है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए पाकिस्तान सरकार के समक्ष यह मुद्दा प्रभावी ढंग से उठाने की अपील की है। एसजीपीसी ने निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और ऐतिहासिक गुरुद्वारे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
बिना सरकारी अनुमति गिराया गया हिस्सा
सूत्रों के अनुसार, स्थानीय कारोबारी ने आवश्यक सरकारी स्वीकृतियां लिए बिना बुलडोजर से गुरुद्वारे के ऐतिहासिक ढांचे का एक हिस्सा ध्वस्त करा दिया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय सिख समुदाय और विभिन्न धार्मिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
'धार्मिक भावनाओं पर सीधा प्रहार'
एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले गुरुद्वारों की सुरक्षा संबंधित प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं दुनिया भर के सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं पर सीधा प्रहार हैं। किसी भी ऐतिहासिक धार्मिक स्थल में बदलाव या निर्माण कार्य निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने भी जताई सख्ती
भारत के विदेश मंत्रालय ने भी घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पाकिस्तान सरकार से निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और क्षतिग्रस्त गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित करने की मांग की है। मंत्रालय ने पाकिस्तान में स्थित सभी धार्मिक स्थलों, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों के पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
धार्मिक विरासत की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर पाकिस्तान में ऐतिहासिक गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की निगाहें पाकिस्तान सरकार की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।