चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने राज्य स्तरीय चिकित्सक पुरस्कार समारोह में सरकारी और निजी क्षेत्र के 59 डॉक्टरों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने चंडीगढ़ स्थित म्युनिसिपल भवन में आयोजित समारोह में चिकित्सकों को सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित करने के लिए एक संस्थागत और योग्यता-आधारित नीति लागू की है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग, सरकारी मेडिकल कॉलेजों और निजी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया जा रहा है।
डॉ. बलबीर सिंह ने पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (पीआईएलबीएस) के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह के योगदान की विशेष सराहना करते हुए कहा कि संस्थान में राज्य का पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया जा चुका है और जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू होगी।
उन्होंने होमी भाभा कैंसर अस्पताल के निदेशक डॉ. आशीष गुलिया की कैंसर उपचार और शुरुआती जांच को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी प्रशंसा की। वहीं, प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बिश्व मोहन और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. जैराज डी. पांडियन को पंजाब स्टेमी और पंजाब स्ट्रोक परियोजनाओं के सफल संचालन के लिए सराहा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पंजाब स्टेमी प्रोजेक्ट के तहत दिल के दौरे के मरीजों को महंगा टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि पंजाब स्ट्रोक प्रोजेक्ट के माध्यम से इस्केमिक स्ट्रोक के मरीजों को मुफ्त मैकेनिकल थ्रॉम्बेक्टोमी की सुविधा दी जा रही है। दोनों परियोजनाएं हब-एंड-स्पोक मॉडल पर संचालित की जा रही हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि डॉक्टर हर संकट की घड़ी में समाज की सेवा के लिए सबसे आगे रहते हैं। चाहे कोविड-19 महामारी हो, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा या कोई अन्य चुनौती, चिकित्सकों ने हमेशा मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने मरीजों के प्रति संवेदनशील और समर्पित सेवाओं के लिए चिकित्सा समुदाय का आभार भी व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य सरकारी अस्पतालों में भी निजी अस्पतालों के समान गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी बेहतर इलाज मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि जल्द ही आशा वर्करों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित करने के लिए भी राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा।