चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब पुलिस ने राज्यभर के पुलिस थानों में वर्षों से खड़े जब्त और लावारिस वाहनों के निपटारे के लिए चलाए गए विशेष अभियान में एक महीने के भीतर 7,402 वाहनों का निपटारा कर बड़ी सफलता हासिल की है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान से पुलिस थानों में जगह की समस्या काफी हद तक कम हुई है और लंबित मामलों के निस्तारण में भी तेजी आई है।
पुलिस के अनुसार, अभियान शुरू होने से पहले राज्यभर के पुलिस थानों और विभिन्न इकाइयों में कुल 55,721 वाहन जब्त अवस्था में पड़े थे। इसी दौरान ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और अन्य मामलों में 3,355 नए वाहन भी जब्त किए गए, जिससे कुल संख्या बढ़कर 59,076 हो गई। एक महीने में 7,402 वाहनों का निपटारा होने के बाद अब पुलिस हिरासत में 51,674 वाहन शेष हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ लंबित मामलों के निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जब्त वाहनों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया को तेज करने और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय के चलते कम समय में बड़ी संख्या में वाहनों का निपटारा संभव हो पाया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभी भी 8,121 वाहनों से संबंधित आवेदन कानूनी जांच के अधीन हैं। वहीं, मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 52ए के तहत 1,276 मामलों में इन्वेंट्री और फोटोग्राफी के कानूनी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जानी बाकी है। इन मामलों में अदालत और संबंधित अधिकारियों की अनुमति के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला और कमिश्नरेट स्तर पर जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जहां 5,993 में से 779 वाहनों का निपटारा किया गया। इसके अलावा मोगा में 697, बठिंडा में 631, फिरोजपुर में 586, लुधियाना ग्रामीण में 538, लुधियाना कमिश्नरेट में 460, तरनतारन में 302 और फाजिल्का में 283 वाहनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रिलीज या डिस्पोज किया गया।
स्पेशल डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा कि आने वाले महीनों में जब्त वाहनों की रिहाई और निपटारे की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा, ताकि पुलिस थानों में अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों का बोझ कम हो और पुलिस संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।