पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कार्रवाई; मामले में अब तक 777 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त, 97 आरोपितों पर शिकंजा

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड (सीएसपीएल) से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में 31.30 करोड़ रुपये मूल्य की 20 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। इनमें आवासीय और व्यावसायिक इकाइयां, फ्लैट तथा भूखंड शामिल हैं, जो पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में स्थित हैं।

ईडी के अनुसार, जांच में सामने आया कि ये संपत्तियां सीएसपीएल से जुड़े संजय कुमार सुरेका के लाभकारी स्वामित्व और नियंत्रण में थीं। संपत्तियों को कथित तौर पर रिश्तेदारों, कर्मचारियों, सहयोगियों और शेल कंपनियों के नाम पर रखकर अपराध से अर्जित धन को छिपाने का प्रयास किया गया। इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक कुल लगभग 777.10 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।

एजेंसी ने इस मामले में कोलकाता स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में दूसरी अनुपूरक अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है। इसमें 63 नए आरोपितों और संस्थाओं को शामिल किया गया है। इनके साथ कुल आरोपितों की संख्या बढ़कर 97 हो गई है, जिनमें व्यक्ति, कंपनियां, एलएलपी, साझेदारी फर्म और स्वामित्व प्रतिष्ठान शामिल हैं।

ईडी की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। आरोप है कि कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड, उसके प्रवर्तकों और निदेशकों ने बैंकों के समूह से ऋण हासिल करने के लिए फर्जी स्टॉक विवरण, हेरफेर किए गए वित्तीय दस्तावेज और जाली अभिलेख प्रस्तुत किए। इसके बाद ऋण की राशि का कथित तौर पर गबन कर लिया गया, जिससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को ब्याज छोड़कर करीब 6,210.72 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

जांच में यह भी सामने आया कि संजय कुमार सुरेका ने 60 से अधिक शेल कंपनियों, फर्मों और एलएलपी का नेटवर्क तैयार किया था। इन संस्थाओं का संचालन कथित तौर पर कर्मचारियों, रिश्तेदारों और डमी निदेशकों के नाम पर किया जाता था। ईडी का आरोप है कि फर्जी लेन-देन, असुरक्षित ऋण, अंतर-कॉरपोरेट ट्रांजैक्शन, काल्पनिक व्यापारिक सौदों, लेटर ऑफ क्रेडिट और धन के चक्रीय प्रवाह के जरिए अवैध धन को वैध दिखाने का प्रयास किया गया।

ईडी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई की जाएगी।