पुलिस का दावा— दिल्ली-एनसीआर में बड़े हमले की थी साजिश; दो पिस्टल, नौ कारतूस और पांच मोबाइल बरामद, पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर से जुड़े होने का आरोप।

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली और पंजाब में संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये सभी दिल्ली-एनसीआर में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे। आरोपितों के कब्जे से दो पिस्टल, नौ कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान शुभदीप सिंह उर्फ विशाल (23), गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि (22), साजन सिंह उर्फ हनी (28) और गगनप्रीत (24) के रूप में हुई है। चारों पंजाब के रहने वाले हैं।

पुलिस का दावा है कि सभी आरोपित पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे। गगनप्रीत के मोबाइल फोन से कथित तौर पर धार्मिक स्थलों, पुलिस थानों और अन्य पुलिस प्रतिष्ठानों की रेकी से जुड़े कई वीडियो मिले हैं। जांच के अनुसार, वह दिल्ली में रहकर इन स्थानों की वीडियो बनाकर अपने आकाओं तक भेजता था। पुलिस ने यह भी बताया कि शुभदीप और गुरजंत आपस में सगे भाई हैं।

डीसीपी के अनुसार, खुफिया सूचना मिली थी कि आईएसआई हैंडलर सोशल मीडिया के माध्यम से पंजाब के युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल कर दिल्ली-एनसीआर में आतंकी वारदात की साजिश रच रहा है। इसी सूचना के आधार पर स्पेशल सेल की टीम ने अमृतसर के मजीठा रोड क्षेत्र से शुभदीप सिंह को गिरफ्तार किया। उसके पास से .30 बोर की एक पिस्टल, पांच कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।

पूछताछ में शुभदीप ने कथित तौर पर बताया कि वह पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में था और ड्रोन के जरिए हथियार तथा मादक पदार्थ प्राप्त करता था। इसके बाद पुलिस ने पंजाब में छापेमारी कर गुरजंत सिंह और साजन सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक जिगाना पिस्टल, चार कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।

तीनों आरोपितों से पूछताछ के दौरान दिल्ली में मौजूद गगनप्रीत का नाम सामने आया। इसके बाद स्पेशल सेल ने दिल्ली में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें कथित तौर पर रेकी से जुड़े कई वीडियो और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।

फिलहाल पुलिस चारों आरोपितों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों, संभावित साजिश और विदेशी संपर्कों की जांच कर रही है।