आईएनएस त्रिकंद के पहुंचते ही भागे समुद्री डाकू, मार्कोस कमांडो ने जहाज को किया सुरक्षित; 21 सदस्यीय चालक दल सुरक्षित, भारत के लिए जरूरी कार्गो ने फिर शुरू की यात्रा।

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी में भारत के लिए महत्वपूर्ण कार्गो लेकर जा रहे एक व्यापारी जहाज पर समुद्री डकैती की कोशिश को विफल कर दिया। नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद के मौके पर पहुंचते ही हमलावर फरार हो गए। इसके बाद नौसेना के मार्कोस कमांडो ने जहाज पर चढ़कर तलाशी अभियान चलाया और उसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया।

नौसेना के अनुसार, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस के ध्वज वाला बल्क कैरियर एमवी गोल्डन आर्सेनल अदन की खाड़ी से गुजर रहा था। जिबूती से लगभग 300 नॉटिकल मील पूर्व-उत्तर-पूर्व में समुद्री डाकुओं ने जहाज को निशाना बनाकर उस पर कब्जा करने की कोशिश की। खतरा भांपते ही चालक दल के सदस्यों ने जहाज के सुरक्षित कक्ष (सिटाडेल) में शरण ली और इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर–इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) को सूचना दी।

संकट संदेश मिलने के बाद मिशन पर तैनात आईएनएस त्रिकंद तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन विवेक मधवाल के अनुसार, भारतीय युद्धपोत के नजदीक पहुंचते ही समुद्री डाकू भाग निकले, जिससे जहाज और चालक दल सुरक्षित बच गए।

जहाज पर एक भारतीय नागरिक सहित कुल 21 चालक दल के सदस्य सवार थे। हमले में जहाज के ब्रिज सुपर-स्ट्रक्चर और आसपास के हिस्सों को कुछ नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी भी सदस्य को नुकसान नहीं हुआ।

2 जुलाई की सुबह आईएनएस त्रिकंद से मार्कोस कमांडो की विशेष टीम जहाज पर उतरी और पूरे पोत की गहन तलाशी ली। तलाशी में कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला, जिसके बाद जहाज को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया।

ऑपरेशन के दौरान समुद्री क्षेत्र की निगरानी के लिए भारतीय नौसेना के पी-8आई मैरीटाइम पेट्रोल विमान को भी तैनात किया गया, जिसने हवाई टोही कर एंटी-पायरेसी अभियान को मजबूती प्रदान की।

नौसेना ने बताया कि जहाज के सुरक्षित होने के बाद एमवी गोल्डन आर्सेनल ने अपनी निर्धारित यात्रा दोबारा शुरू कर दी है। भारतीय नौसेना ने दोहराया कि वह राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापारी जहाजों की सुरक्षा, समुद्री डकैती पर रोक और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।