उंडावल्ली हेलीपोर्ट से होगी शुरुआत; खराब मौसम में भी सुरक्षित उड़ान, आपदा राहत और चारधाम जैसी सेवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : भारत ने हेलीकॉप्टर परिचालन के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए देश की पहली प्राइवेट प्वाइंट-इन-स्पेस (PinS) इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। इस नई व्यवस्था से दूरस्थ, दुर्गम और रणनीतिक क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर उड़ानें पहले से अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और हर मौसम में संभव हो सकेंगी।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, यह प्रक्रिया उंडावल्ली हेलीपोर्ट पर लागू की जाएगी। इसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने विकसित किया है, जबकि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इसे मंजूरी दी है। यह प्रणाली डीजीसीए के नियमों और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के मानकों के अनुरूप तैयार की गई है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि देश की पहली पिनएस इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया हेलीकॉप्टर संचालन में नए युग की शुरुआत है। इससे उड़ान सुरक्षा, परिचालन दक्षता और खराब मौसम में भी हेलीकॉप्टर सेवाओं की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत ने स्वदेशी गगन (GAGAN) आधारित प्रिसिजन अप्रोच प्रणाली का भी सफल प्रदर्शन किया था। अब पिनएस प्रणाली की शुरुआत विमानन अवसंरचना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी उपग्रह आधारित नेविगेशन तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्रालय ने कहा कि इस तकनीक के लागू होने से देशभर में इसी तरह की प्रक्रियाओं के विकास का रास्ता खुलेगा। इससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, आपदा राहत अभियान, चारधाम जैसी तीर्थयात्रा हेलीकॉप्टर सेवाएं, पर्यटन, अपतटीय गतिविधियां, कॉर्पोरेट एविएशन और क्षेत्रीय संपर्क को बड़ा लाभ मिलेगा।

सरकार का कहना है कि नई प्रणाली के जरिए प्रतिकूल मौसम के कारण होने वाली उड़ान बाधाएं कम होंगी और इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) के तहत हेलीकॉप्टर परिचालन अधिक सुरक्षित और प्रभावी बन सकेगा।