जयपुर (Narendra Singh Danu) : राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए कथित तौर पर फंडिंग नेटवर्क संचालित करने वाले एक एजेंट को गिरफ्तार कर देश विरोधी गतिविधियों के एक अहम नेटवर्क का खुलासा किया है। आरोपी पर जासूसी में शामिल लोगों तक आईएसआई की ओर से धनराशि पहुंचाने का आरोप है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि जनवरी 2026 में शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के तहत दर्ज एक मामले में जैसलमेर निवासी झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर एमटीएस के पद पर तैनात सुमित कुमार को भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं आईएसआई तक पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जांच के दौरान पता चला कि दोनों आरोपियों को जासूसी के बदले मिलने वाली रकम महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी रफीक चांद शेख (41) के माध्यम से भेजी जाती थी।
पूछताछ में रफीक ने खुलासा किया कि वह पिछले करीब चार वर्षों से आईएसआई के एक हैंडलर के संपर्क में था। सोशल मीडिया के जरिए बने संपर्क के बाद उसने अपने और अन्य लोगों के नाम पर कई बैंक खाते खुलवाए, जिनके जरिए जासूसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों तक धनराशि पहुंचाई जाती थी।
प्राथमिक जांच में आरोपी की भूमिका आईएसआई के फंडिंग एजेंट के रूप में सामने आने पर सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने 30 जून 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और इस वित्तीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों तथा लेन-देन की गहन पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि देश की सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।