चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वस्तु एवं सेवा कर (GST) वसूली में 24.45 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस अवधि में राज्य का कुल जीएसटी संग्रह ₹7,833.45 करोड़ तक पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि यह वृद्धि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में ₹1,538.88 करोड़ अधिक है। इसके साथ ही एसजीएसटी में 9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक बताई गई है।
वित्त मंत्री के अनुसार, विभाग ने कर अनुपालन और राजस्व सुरक्षा के लिए सख्त प्रवर्तन कार्रवाई भी की है, जिसके तहत पहली तिमाही में ₹633 करोड़ का जुर्माना लगाया और वसूला गया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 207 प्रतिशत अधिक है। केवल जून 2026 में ही ₹225 करोड़ का जुर्माना लगाया गया तथा फर्जी बिलिंग और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में 20 एफआईआर दर्ज की गईं।
उन्होंने बताया कि वैट प्रणाली के तहत लंबित बकाया वसूली के लिए संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे लगभग ₹14 करोड़ की वसूली हुई। वहीं, कारोबार को बढ़ावा देने और नकदी प्रवाह सुधारने के लिए राज्य सरकार ने ₹1,270 करोड़ के जीएसटी रिफंड जारी किए हैं, जिनमें ₹713.70 करोड़ राज्य जीएसटी का हिस्सा शामिल है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार की नीति सख्त प्रवर्तन और करदाताओं को सुविधा देने के बीच संतुलन बनाए रखने की है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी प्रशासन, समय पर रिफंड और आसान प्रक्रियाओं से राज्य में आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है और कर आधार मजबूत हो रहा है।