जयपुर (Narendra Singh Danu) : जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में बुधवार से दो दिवसीय 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तकनीक आधारित शासन व्यवस्था को नई दिशा मिली है, जिससे जन-धन, आधार और मोबाइल (जैम) के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा है और व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान स्मार्ट परियोजना, ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा और राजस्थान इनोवेशन चैलेंज का शुभारंभ किया। साथ ही कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया और तकनीकी नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लागू की गई हैं। उन्होंने निवेशकों और स्टार्टअप्स को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया।
केंद्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन की थीम 'विकसित भारत 2047 : एआई सक्षम, डेटा संचालित एवं सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस' रखी गई है।
दो दिवसीय सम्मेलन में 2,700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और शोधकर्ता भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान एआई आधारित प्रशासन, सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना, स्मार्ट पुलिसिंग, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और भविष्य की डिजिटल शासन व्यवस्था जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
सम्मेलन का समापन 2 जुलाई को होगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के मुख्य आतिथ्य में उत्कृष्ट डिजिटल प्रशासनिक पहल के लिए 16 राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार और एक विशेष जूरी पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।