मांगे नहीं मानी गई तो होगा 7 दिन बाद आंदोलन

पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : इंडियन ऑयल पानीपत रिफाइनरी कर्मचारी यूनियन द्वारा कर्मचारियों को मूलभूत सुविधाएं देने और अन्य मांगे पूरी करने के लिए रिफाइनरी कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख और मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन के खिलाफ नारेबाजी कर एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया। अगर कर्मचारी यूनियन की मांगे नहीं मानी गई तो 7 दिन बाद अपने हकों की लड़ाई के लिए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा जिसका जिम्मेदार रिफाइनरी प्रशासन होगा।

पानीपत रिफाइनरी कर्मचारी यूनियन ने रविवार देर शाम प्रधान संपूर्ण सिंह के नेतृत्व में रिफाइनरी टाउनशिप में एकत्रित होकर अपनी मांगें मनवाने के लिए कार्यकारी निदेशक हाय हाय, मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन हाय हाय, रिफाइनरी प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया। प्रधान संपूर्ण सिंह ने अपने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रिफाइनरी टाउनशिप में पीने का पानी स्वच्छ और साफ नहीं है जिसके लिए तुरंत आर.ओ. प्लांट लगवाया जाए। वंही रिफाइनरी टाउनशिप में बहुत अधिक संख्या में आवारा कुत्ते घूमते हैं। जो आए दिन किसी ने किसी को अपना शिकार बना लेते हैं। हम रिफाइनरी प्रशासन से मांग करते हैं कि आवारा कुत्तों का स्थाई समाधान करवाया जाए। दवाइयों की गुणवत्ता और मेडिकल लैब में सुधार करवाओ। सर्विस डिपार्टमेंट में मैनपावर की भर्ती करो आदि सहित हमारी दर्जन भर मांगें हैं जिनके लिए कर्मचारी यूनियन द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया।

उन्होंने साफ कहा कि अगर 7 दिन के अंदर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो 7 दिन के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा जिसका जिम्मेदार रिफाइनरी प्रशासन होगा।

इस अवसर पर उनके साथ दिनेश कुमार, मनोज कटियार, शुभम चौधरी, कृष्णा, प्रदीप कुमार, ललित कुमार, टिंकू, चंदन, रवि प्रकाश आदि सहित कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी और सैंकड़ों की संख्या में यूनियन के सदस्य उपस्थित रहे।