35 मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग, एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश

चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब स्टेट एंड चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन ने राज्य में कथित पुलिस एनकाउंटरों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पंजाब मानवाधिकार संगठन (पीएचआरओ) के अध्यक्ष रंजीत सिंह की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पुलिस को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को हथियार या नशा बरामदगी के लिए ले जाती है और रास्ते में कथित तौर पर एनकाउंटर की घटनाएं होती हैं। दावा किया गया है कि कई मामलों में यह पैटर्न समान रहा है, जिसमें आरोपी द्वारा पुलिस पर हमला या हथियार छीनने की कोशिश के बाद जवाबी कार्रवाई में गोली लगने की बात सामने आती है।

पीएचआरओ ने आयोग के समक्ष राज्यभर में हुए लगभग 35 कथित एनकाउंटर मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन का आरोप है कि कुछ मामलों में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और वास्तविक परिस्थितियों में अंतर देखा गया है, जिससे कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि “गोली का बदला गोली” जैसी टिप्पणियां कानून के शासन और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन के अधिकार के खिलाफ हैं। साथ ही हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों की अनदेखी का भी आरोप लगाया गया है।

आयोग ने मामले की अगली सुनवाई 30 जून 2026 को तय की है। इस बीच, डीजीपी पंजाब को पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।