पुराने ट्रक और बसों को हटाकर स्वच्छ वाहनों को बढ़ावा देने की केंद्र की पहल तेज, खरीदारों को मिलेंगी कई रियायतें

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने और पुराने व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए केंद्र सरकार की योजना को बड़ा समर्थन मिला है। वोल्वो-आयशर कमर्शियल व्हीकल्स, फोर्स मोटर्स और पिनेकल मोबिलिटी सॉल्यूशंस के जुड़ने के बाद इस योजना से जुड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।

इन कंपनियों की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी 95 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है।

🚛 नए वाहनों पर 8% तक की छूट

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और तीन नई कंपनियों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

योजना के तहत:

नए ट्रक और बस खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत पर 8% छूट मिलेगी
इलेक्ट्रिक वाहनों पर यह छूट संबंधित ICE वाहन श्रेणी की सीमा तक लागू होगी
💰 ग्राहकों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ

सरकार की योजना में कई स्तरों पर राहत दी जा रही है:

5% ब्याज सबवेंशन (केंद्र सरकार की ओर से)
5 साल तक निश्चित मासिक ईंधन वाउचर
राज्य सरकारों द्वारा:
10 साल तक रोड टैक्स में 100% तक छूट
रजिस्ट्रेशन शुल्क में पूरी राहत
🌿 उद्देश्य: प्रदूषण कम करना और वाहन बेड़ा आधुनिक बनाना

इस योजना का मुख्य उद्देश्य है:

पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाना
स्वच्छ और आधुनिक तकनीक वाले वाहनों को बढ़ावा देना
दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार करना
🚗 पहले से जुड़ी बड़ी कंपनियां

इस योजना में पहले ही कई प्रमुख वाहन निर्माता शामिल हो चुके हैं, जिनमें शामिल हैं:

टाटा मोटर्स
अशोक लीलैंड
महिंद्रा एंड महिंद्रा
डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स
स्विच मोबिलिटी
एसएमएल महिंद्रा

इनके जुड़ने से योजना का दायरा और प्रभाव काफी बढ़ गया है।