लुधियाना (Narendra Singh Danu) : पंजाब की राजनीति में रविवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब शिरोमणि अकाली दल को गिल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक दर्शन सिंह शिवालिक के पार्टी छोड़ने से झटका लगा। उन्होंने ‘वारिस पंजाब दे’ का दामन थाम लिया।
कार्यक्रम में हुई आधिकारिक एंट्री
एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें संगठन की सदस्यता दिलाई गई। इस मौके पर खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह अयाली मौजूद रहे।
शिवालिक ने गिनाए पार्टी छोड़ने के कारण
पार्टी में शामिल होने के बाद दर्शन सिंह शिवालिक ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना और पंथ से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है। उन्होंने अकाली दल नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी और उचित सम्मान न मिलने का आरोप लगाया।
अकाली दल नेतृत्व पर सवाल
इस मौके पर मनप्रीत सिंह अयाली ने भी शिरोमणि अकाली दल की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल निजी हितों से ऊपर उठकर निर्णय लें, तो संगठन के अलग-अलग धड़ों को फिर से एकजुट किया जा सकता है।
राजनीतिक असर के संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहले से संगठनात्मक चुनौतियों से जूझ रही अकाली दल के लिए यह एक और झटका है। गिल क्षेत्र में शिवालिक का प्रभाव होने से ‘वारिस पंजाब दे’ को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिल सकती है।
‘वारिस पंजाब दे’ का विस्तार अभियान
वहीं ‘वारिस पंजाब दे’ लगातार अपने संगठन विस्तार में जुटा हुआ है और विभिन्न क्षेत्रों से नेताओं को जोड़ने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में पंजाब की राजनीतिक हलचल और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।