चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और उसके प्रत्येक आदेश का राज्य सरकार पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ पालन करेगी।
उन्होंने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा तलब किए गए पंजाब विधानसभा के स्पीकर सहित सभी मंत्री और विधायक सोमवार को वहां उपस्थित होकर सरकार का पक्ष रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी इस मामले से जुड़ी सभी जानकारी, जिसमें कथित फर्जी वीडियो का विवरण भी शामिल है, श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपेगी।
मुख्यमंत्री ने अमृतसर में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ मीडिया से बातचीत में कहा कि राजनीति और धर्म को अलग रखा जाना चाहिए, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल उनके खिलाफ धार्मिक आधार पर बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि वे जनसमर्थन से असहज हैं। मान ने कहा कि सरकार का फोकस रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और विकास जैसे मुद्दों पर है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब उन्हें पहले श्री अकाल तख्त साहिब ने बुलाया था, तो वे राष्ट्रपति के कार्यक्रम को छोड़कर वहां उपस्थित हुए थे, जिससे उनकी आस्था स्पष्ट होती है।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा सिख गुरुद्वारा मामलों से जुड़े एक फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक मामलों में किसी भी सरकार को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और ऐसे कदमों से बचना चाहिए जो सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करें।