विश्व एमएसएमई दिवस पर 1,500 करोड़ रुपये की सहायता जारी, निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं

भोपाल (Narendra Singh Danu) : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 2027 में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया जाएगा।

विश्व एमएसएमई दिवस के अवसर पर भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित ‘सशक्त उद्यमी : समृद्ध मध्य प्रदेश’ समिट को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का एमएसएमई क्षेत्र वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग और व्यवसाय केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और सामाजिक समृद्धि के भी प्रमुख आधार हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि देश में लगभग सात करोड़ एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनमें से 25 लाख मध्य प्रदेश में संचालित हो रही हैं। ये इकाइयां प्रदेश में करीब डेढ़ करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र का राष्ट्रीय जीडीपी में 31 प्रतिशत, निर्यात में 49 प्रतिशत और विनिर्माण उत्पादन में 35 प्रतिशत योगदान है।

समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने एमएसएमई इकाइयों के लिए 225.19 करोड़ रुपये, स्टार्टअप्स के लिए लगभग 39 लाख रुपये तथा बड़े उद्योगों के लिए निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत 1,274 करोड़ रुपये जारी किए। इस प्रकार उद्योग क्षेत्र को कुल 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। उन्होंने दावा किया कि मई 2026 तक की सभी निवेश सहायता देनदारियों का भुगतान करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

डॉ. यादव ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बनाई गई 18 नई औद्योगिक नीतियों का लाभ उद्योग जगत को मिल रहा है। प्रदेश में 16 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा चुके हैं, जबकि 14 नए क्लस्टरों पर कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य को 20 नए जीआई टैग प्राप्त हुए हैं और महिला उद्यमिता को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेश में 9,300 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने बताया कि कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया सहित कई देशों से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा और मेडिकल डिवाइस क्षेत्रों में निवेश आ रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 13 जिलों में 14 औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप मध्य प्रदेश को देश का सबसे उद्योग-अनुकूल राज्य बनाना है।