सफलता उन्ही को मिलती है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनो को पूरा करने का संकल्प रखते है : डॉ0 ओमवीर सिंह पंवार 628वें प्रकट दिवस पर 42वें सत्संग एवं संत समागम समारोह में संतों ने दिया सामाजिक एकता का संदेश

पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : सद्गुरु कबीर जन सेवा समिति (रजि.) पानीपत द्वारा सद्गुरु कबीर साहेब के 628वें प्रकट दिवस के पावन अवसर पर 42वें सत्संग एवं संत समागम समारोह का आयोजन सद्गुरु कबीर आश्रम, 68 ग्रीन पार्क, तहसील कैंप, पानीपत में श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

समारोह का आयोजन आचार्य कबीर पंथ के परम पूज्य वंशाचार्य सद्गुरु पंथ श्री हजूर उदित मुनिनाम साहेब जी के पावन आशीर्वाद तथा परम पूज्य महंत माधव दास जी साहेब की असीम कृपा से हुआ। समारोह की अध्यक्षता महंत सुंदर दास जी साहेब (करावल नगर, दिल्ली) ने की।

अपने प्रेरणादायी प्रवचन में महंत सुंदर दास जी साहेब ने कहा कि सद्गुरु कबीर साहेब ने सत्य, प्रेम, सेवा, सद्भाव और मानवता का जो मार्ग दिखाया, वही आज के समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब की वाणी केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानव कल्याण का भी संदेश देती है। उन्होंने सभी से जाति, पंथ और ऊँच-नीच के भेदभाव को त्यागकर मानव धर्म अपनाने का आह्वान किया।
महंत बिरंदास जी साहेब (किरठल एवं हरिद्वार) ने कहा कि सद्गुरु कबीर साहेब ने सम्पूर्ण मानव समाज को एकता और भाईचारे का संदेश दिया। हमें आडंबर छोड़कर सच्ची भक्ति और सेवा का मार्ग अपनाना चाहिए।
महंत डॉ. नीरज स्वामी जी (रोहिणी, दिल्ली) ने अपने सम्बोधन में कहा कि कबीर साहेब की वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सदियों पहले थी। उनका ज्ञान युवाओं को चरित्रवान, जागरूक और संस्कारित जीवन जीने की प्रेरणा देता है

समिति के उपाध्यक्ष व समाजसेवा वरिष्ठ काग्रेस नेता डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि सद्गुरु कबीर साहेब की विचारधारा आज भी समाज को नई दिशा प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संस्कार और सामाजिक एकता किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं। इसी उद्देश्य से समारोह में 10वी व 12वी में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले समाज के 12 होनहार मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन राशि एवं सम्मान देकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब का संदेश हमें अंधविश्वास, नशे, सामाजिक बुराइयों और भेदभाव से दूर रहकर राष्ट्र एवं समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की प्रेरणा देता है।

समारोह में हरियाणा सरकार के वरिष्ठ सचिव, खाद्य आपूर्ति विभाग, चंडीगढ़ श्री शिव कुमार विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर महंत बिरंदास साहेब (किरठल एवं हरिद्वार), महंत ओम प्रकाश साहेब (तावडू), महंत डॉ. नीरज स्वामी (रोहिणी, दिल्ली), महंत गंगादास साहेब (तितरवाड़ा) तथा महंत देव नारायण साहेब (कुरुक्षेत्र), महंत लग्न साहेब (दिल्ली ) महंत भारती साहेब (कुरुक्षेत्र) , स्वामी कैलाश झा पंचकूला ने अपने सम्बोधन में कबीर साहेब के वाणी वचनों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में संत दिनेश दास, संत दर्शन दास, कदमदास, सहित काफी संख्या में संत-महात्माओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित मंहतो व समिति पदाधिकरियों के साथ अथिति शिव कुमार जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया । अथिति का समिति के सदस्यों ने पगड़ी व शाल पहनाकर फूलमालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया ।

कार्यक्रम में गुरु महिमा, ध्वजारोहण, सत्संग, भजन, प्रवचन, चौका आरती तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सद्गुरु कबीर साहेब की वाणी का श्रवण किया तथा प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे समारोह में "सत्यनाम" ओर सदगुरु कबीर साहेब के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

इस अवसर समिति प्रधान पदम् सिंह, उपाध्यक्ष डॉ0 ओमवीर सिंह पंवार, सचिव महेंद्र गाहल्याण, सहसचिव विकास कुमार, कोषाध्यक्ष समेश चंद, कार्यकारिणी सदस्यों में पालेराम पवार, अमित पवार, रामकुमार, रामपाल तोमर, नरेश कुमार, कवर पाल, दीनानाथ कबीरपंथी धर्मशाला समिति प्रधान ऋषिपाल, एकता विहार कबीरपंथी धर्मशाला समिति के प्रधान देशराज तुंवर, देशराज कालोनी कबीरपंथी धर्मशाला समिति प्रधान ओमप्रकाश, जय भगवान, सुभाष भगत, नरेन्द्र रोशे, सुभाष सिरोही, दिल्ली से अरविंद पवार उर्फ बिल्लू भाई, प्रमोद तोमर, बड़ौत से मास्टर संजीव गांधी, शामली से मास्टर प्रमोद कुमार, के समाज प्रबुद्ध लोगो मे जे ई शिवकुमार, इलमचन्द, किरनपाल पवार, सतीश गोयल, डॉ0 जगबीर पवार, जे ई राजकुमार, एस डी ओ राकेश कुमार, प्रदीप कुमार, बॉबी, राजेन्द्र कादियान आदि मुख्य रूप से सेकड़ो की संख्या में महिलायें व पुरूष उपस्थित थे ।