समाना में 10.35 करोड़ रुपये की लागत वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की रखी आधारशिला, खेल बजट 1,791 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का ऐलान

समाना (Narendra Singh Danu) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को नशे की बुराई से दूर रखने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में 3,100 आधुनिक खेल स्टेडियम विकसित कर रही है। उन्होंने समाना में 10.35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले खेल स्टेडियम की आधारशिला रखते हुए कहा कि सरकार खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अभूतपूर्व निवेश कर रही है, ताकि युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नौ एकड़ पंचायत भूमि पर बनने वाले इस स्टेडियम में आठ लेन वाला 400 मीटर का अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बनाया जाएगा। इसके अलावा शॉट पुट, हैमर थ्रो, डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप, हाई जंप सहित विभिन्न एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से समाना ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई में खेलों को सबसे प्रभावी माध्यम मानती है। उनका कहना था कि खेलों से युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगती है और वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देकर राज्य में सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

भगवंत मान ने बताया कि राज्य सरकार 1,250 करोड़ रुपये की लागत से पूरे पंजाब में आधुनिक सुविधाओं से लैस 3,100 ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है। इन स्टेडियमों में बाड़बंदी, पौधारोपण, फ्लडलाइट, छह फुट चौड़ा वॉकिंग ट्रैक, वॉलीबॉल, फुटबॉल और हॉकी मैदान, स्थानीय खेलों के लिए अतिरिक्त कोर्ट, छह लेन रनिंग ट्रैक, एलईडी लाइटिंग, स्प्रिंकलर सिस्टम, बच्चों के खेल क्षेत्र, व्हीलचेयर रैंप और खेल सामग्री के लिए स्टोरेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को खेल किट, आधुनिक उपकरण और पेशेवर कोचों के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए खेल बजट बढ़ाकर 1,791 करोड़ रुपये कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 में लागू नई खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए पहली बार वित्तीय सहायता दी जा रही है। ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई खेलों के लिए आठ लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले हॉकी खिलाड़ियों और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी गई है, जबकि नौ ओलंपिक पदक विजेताओं को पीसीएस और डीएसपी के पदों पर नियुक्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि 'खेड़ां वतन पंजाब दीआं' के माध्यम से पिछले तीन वर्षों में लाखों युवाओं को खेलों से जोड़ा गया है। वर्ष 2024-25 में पांच लाख खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया और तीन वर्षों में इस आयोजन पर 97.3 करोड़ रुपये खर्च किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किला रायपुर ग्रामीण खेलों को विश्व स्तर पर 'मिनी ओलंपिक' के रूप में पहचान मिली है तथा बैलगाड़ी दौड़ जैसी पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं को भी पुनर्जीवित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि पंजाब पहली बार अक्टूबर में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी की मेजबानी करेगा। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के मुकाबले मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम और जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इसे पंजाब के खेल इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।