चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब स्टेट फूड कमीशन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। आयोग ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को एक एडवाइजरी जारी करने का निर्णय लिया है, जिसमें राशन वितरण प्रक्रिया को आसान बनाने और लाभार्थियों की सुविधा बढ़ाने की सिफारिश की जाएगी।
कमीशन के सदस्यों विजय दत्त और चेतन प्रकाश धालीवाल ने चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा को बताया कि विभिन्न जिलों के दौरे के दौरान डिपो संचालकों ने मौजूदा व्यवस्था में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लाभार्थियों को एक साथ तीन माह का गेहूं आवंटित करती है, लेकिन ई-पीओएस मशीन के माध्यम से प्रत्येक माह के लिए अलग-अलग लेन-देन की रसीद निकालनी पड़ती है।
इसके अलावा 'मेरी रसोई' योजना के तहत वितरित होने वाले फूड किट के लिए भी अलग स्लिप जारी करनी होती है। इस प्रकार प्रत्येक लाभार्थी के लिए कुल चार रसीदें तैयार करनी पड़ती हैं, जिससे प्रति व्यक्ति 20 से 25 मिनट का समय लग जाता है। परिणामस्वरूप उचित मूल्य की दुकानों पर लंबी कतारें लगती हैं और डिपो संचालकों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ जाता है।
डिपो होल्डरों ने सुझाव दिया कि तीन माह के राशन और 'मेरी रसोई' योजना के वितरण को एक ही लेन-देन में शामिल करते हुए केवल एक संयुक्त स्लिप जारी की जाए। इससे समय की बचत होगी, कार्यकुशलता बढ़ेगी और लाभार्थियों को भी सुविधा मिलेगी।
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि वर्तमान में ई-पीओएस मशीनों से निकलने वाली रसीदें केवल अंग्रेजी भाषा में होती हैं, जिन्हें अधिकांश लाभार्थी समझ नहीं पाते। इसलिए सुझाव दिया गया कि रसीदें पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी—तीनों भाषाओं में जारी की जाएं, ताकि सभी वर्गों के लोग उन्हें आसानी से समझ सकें।
विस्तृत चर्चा के बाद पंजाब स्टेट फूड कमीशन ने निर्णय लिया कि इन सुझावों को लेकर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव को औपचारिक सलाह भेजी जाएगी।
बैठक में आयोग ने सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग को भी सलाह देने का फैसला किया कि फाजिल्का, फिरोजपुर और होशियारपुर जिलों में एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को सूखा राशन समय पर और निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।