चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में नशे की रोकथाम के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संयुक्त (ज्वाइंट) टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह टास्क फोर्स नशे की बिक्री पर रोक लगाने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को इतना प्रभावी बनाया जाएगा कि नशे के सौदागर स्वयं इस धंधे से तौबा करने को मजबूर हो जाएं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग के अगले पांच वर्षों के रोडमैप और कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभाग से जुड़ी मुख्यमंत्री घोषणाओं, बजट घोषणाओं और संकल्प पत्र के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को नशामुक्त भारत के निर्माण में सहयोग देने की शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए ग्रामीण स्तर पर सरपंच, वार्ड सदस्य, बीडीपीओ, एसएचओ और स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) को शामिल करते हुए टास्क फोर्स बनाई जाएगी। वहीं शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय सचिव, वार्ड पार्षद, संबंधित अधिकारी और एनजीओ को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। यह टास्क फोर्स नशे की बिक्री वाले स्थानों की पहचान कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में नशा पीड़ितों के लिए अधिक नशा मुक्ति केंद्र और पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उपचार के बाद बाहर आने वाले व्यक्तियों की तीन महीने तक विशेष निगरानी की जाएगी तथा उन्हें कौशल प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने की योजना भी तैयार की जाएगी ताकि वे दोबारा नशे की गिरफ्त में न जाएं।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 119 नशा मुक्ति केंद्र, 29 पुनर्वास केंद्र और दो मनोरोग अस्पताल संचालित हैं। कुरुक्षेत्र में पीपीपी मॉडल पर छह एकड़ भूमि में नया पुनर्वास केंद्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नशा पीड़ितों की निगरानी के लिए ड्रग एडिक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम भी विकसित किया गया है। इसके अलावा विभाग 35 विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों को पेंशन और अन्य आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पेंशन एवं अन्य योजनाओं के लाभार्थियों के लिए व्यक्तिगत और पारिवारिक विवरण में संशोधन की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने पिछले तीन महीनों में 63 हजार नए लाभार्थियों को पेंशन योजनाओं से जोड़ने पर संतोष व्यक्त किया।
दिव्यांगजनों के कल्याण की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के लिए कार्यरत संस्थाओं का अनिवार्य पंजीकरण करने, गुणवत्तापूर्ण संस्थाओं को अनुदान देने तथा सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों को आरक्षण का पूरा लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षकों के प्रशिक्षण और दिव्यांग सुविधा केंद्रों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में आधुनिक सुविधाओं से युक्त सीनियर सिटीजन क्लब स्थापित करने के निर्देश दिए। इन क्लबों में बैठने, मनोरंजन, खेल, मनोवैज्ञानिक परामर्श और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही बुजुर्गों की देखभाल के लिए पहले चरण में एक हजार प्रशिक्षित केयर गिवर्स तैयार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए लंबित छात्रवृत्ति राशि का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक जिले में विद्यार्थियों के लिए छात्रावास स्थापित करने पर भी जोर दिया ताकि दूरदराज के विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान आवास संबंधी परेशानी न हो।
लाडो लक्ष्मी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की पेंशन या अन्य सरकारी सुविधाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि योजना के लिए बजट में कोई कमी नहीं है और इसका प्रावधान पिछले वर्ष के 5,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर इस वर्ष 6,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
बैठक में सिरसा के संत सरसाई नाथ मेडिकल कॉलेज में 100 बिस्तरों वाला नशा मुक्ति केंद्र, डबवाली केंद्र की क्षमता 10 से बढ़ाकर 30 बिस्तर करने, ऐलनाबाद में 20 बिस्तरों का नया नशा मुक्ति केंद्र तथा समसपुर में समृद्ध सेवा आश्रम के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग कल्याण बोर्ड के गठन, पेंशन राशि में महंगाई के अनुरूप वृद्धि, पिछड़े वर्ग के उद्यमियों को ऋण गारंटी, मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना तथा छात्रवृत्ति योजनाओं में आय सीमा बढ़ाने सहित विभिन्न संकल्पों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा, उप प्रधान सचिव अजय कुमार, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।