चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने कथित विवादित वीडियो को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि यह वीडियो एक सुनियोजित साजिश के तहत तैयार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी शक्ल का मास्क पहनाकर किसी व्यक्ति से वीडियो शूट करवाया गया और इसमें कनाडा निवासी जगमन समरा की अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मोहाली में डिजिटल सबूत पेश करते हुए कहा कि संबंधित सामग्री अकाल तख्त साहिब को भी जांच के लिए भेजी जाएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें भगवंत मान कथित रूप से होटल के एक कमरे में गुरु साहिबानों की तस्वीरों के साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मुख्यमंत्री भगवंत मान, उनकी कैबिनेट के सिख मंत्रियों और विधायकों को 29 जून को तलब किया है।
इसी मामले में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा जारी एक अन्य लैब रिपोर्ट को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था। बाद में हरियाणा के गुरुग्राम में दो लोगों को कथित फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने बचाव में जारी वीडियो में कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति उनकी शक्ल से मिलता-जुलता मास्क पहने हुए एक बहरूपिया है। उन्होंने दावा किया कि उनके गले पर ऑपरेशन का स्थायी निशान है, जबकि वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के गले पर ऐसा कोई निशान दिखाई नहीं देता।
मान ने एक अन्य वीडियो भी सार्वजनिक किया, जिसमें कनाडा निवासी जगमन समरा कथित रूप से उनके चेहरे जैसा मास्क हाथ में पकड़े दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री का दावा है कि इसी मास्क का इस्तेमाल कर वीडियो तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि समरा मूल रूप से पंजाब के संगरूर जिले का रहने वाला है और पहले उनके संपर्क में रह चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस नए वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों को अकाल तख्त साहिब के समक्ष प्रस्तुत करेंगे ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि वायरल वीडियो में दिखाया गया स्थान एक होटल का कमरा बताया गया है, जबकि होटल के कमरों में गुरु साहिबानों की तस्वीरें होना सामान्य बात नहीं है, जिससे वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े होते हैं।
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची जा रही है और इस मामले में अकाली दल, कांग्रेस तथा भाजपा एकजुट होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है, लेकिन उन्हें पंजाब की जनता पर पूरा भरोसा है और लोग सच्चाई को समझते हैं।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वीडियो पूरी तरह फर्जी है और तथ्यों के आधार पर इसकी सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी।