नई दिल्ली/संयुक्त राष्ट्र (Narendra Singh Danu) : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) की एक बैठक के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर अपने रुख को एक बार फिर स्पष्ट और कड़ा तरीके से दोहराया। यह बैठक “Bridging the Implementation Gap: Security Council Resolutions and Maintenance of International Peace and Security” विषय पर आयोजित की गई थी।
बैठक के दौरान पाकिस्तान और चीन की ओर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने इसका कड़ा विरोध किया। भारत ने स्पष्ट कहा कि जम्मू-कश्मीर पूरी तरह से उसका आंतरिक मामला है और इसमें किसी भी बाहरी देश की भूमिका स्वीकार्य नहीं है।
भारत का पक्ष
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि P. Harish ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पहले भी भारत का अभिन्न हिस्सा था, आज भी है और भविष्य में भी रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां समय के साथ बदलती रहती हैं, इसलिए सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों और मध्यस्थता तंत्रों की प्रासंगिकता की समीक्षा आवश्यक है।
UN तंत्र पर सवाल
भारत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्टर-6 के तहत बनाए गए मध्यस्थता तंत्रों की स्थायी उपयोगिता पर भी सवाल उठाए। भारत ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में इन ढांचों का पुनर्मूल्यांकन जरूरी है।
इसके साथ ही भारत ने “UN80” पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह महासभा के जनादेशों की समीक्षा हो रही है, उसी तरह सुरक्षा परिषद के निर्णयों की भी समीक्षा होनी चाहिए।
पृष्ठभूमि
भारत का यह बयान ऐसे समय आया है जब Pakistan और China अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश करते रहे हैं।
भारत ने एक बार फिर दोहराया कि जम्मू-कश्मीर पर उसका रुख स्थिर और स्पष्ट है तथा यह मामला पूरी तरह से भारत के संप्रभु अधिकार क्षेत्र में आता है।