पंजाब के विभिन्न जिलों में किसान संगठनों ने प्रदर्शन कर उठाई आवाज ट्रेड डील पर किसानों की नाराजगी, पंजाब में विरोध प्रदर्शन तेज हुआ पंजाब में किसानों का राज्यव्यापी आंदोलन, भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध भाजपा कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन, ट्रंप और केंद्र सरकार के पुतले फूंके; डील वापस लेने की मांग

चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में बुधवार को पंजाब में किसानों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। किसान संगठनों के आह्वान पर राज्य के 21 जिलों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जहां किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाले और कई स्थानों पर विरोध स्वरूप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा केंद्र सरकार के पुतले भी जलाए गए।

अमृतसर में बड़ा प्रदर्शन
अमृतसर में किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में सैकड़ों किसान भाजपा कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित ट्रेड डील को जुलाई के अंत तक लागू करने की तैयारी है, लेकिन इससे पहले किसानों, खेत मजदूरों और संबंधित वर्गों से कोई सलाह नहीं ली गई।

किसानों की चिंता क्या है?
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि यदि यह समझौता लागू किया जाता है तो पंजाब सहित पूरे देश के किसानों, खेत मजदूरों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि विदेशी उत्पादों के लिए बाजार खुलने से स्थानीय कृषि और डेयरी सेक्टर पर दबाव बढ़ेगा, जिससे किसानों की आय घट सकती है।

21 जिलों में फैला आंदोलन
किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर अमृतसर, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, मोहाली, संगरूर, शहीद भगत सिंह नगर और तरनतारन में व्यापक विरोध प्रदर्शन किए गए।

कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालयों और पार्टी नेताओं के आवासों के बाहर भी विरोध जताया।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसान नेताओं ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान अपने अधिकारों और कृषि हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।