एससी आयोग में पेश होकर बिट्टू ने कहा- कानूनी दृष्टि से मेरा बयान गलत था

चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू बुधवार को पंजाब एससी आयोग के सामने पेश हुए। जातिसूचक टिप्पणी मामले में उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए माना कि घटना के दौरान उनके मुंह से निकले शब्द कानूनी रूप से गलत थे और इसके लिए वह पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं।

बिट्टू ने कहा कि घटना वाले दिन हालात बेहद तनावपूर्ण थे। उन्होंने यह भी बताया कि विवाद से जुड़ा वीडियो उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया है।

क्या बोले बिट्टू?
बिट्टू के अनुसार, उन्हें सबसे पहले संगरूर में एक एसपी अधिकारी ने रोका और बताया कि भाजपा नेता ओंकार सिंह को बलिया थाने में हिरासत में लिया गया है। इसके बाद जब वह बलिया पहुंचे, तो जानकारी मिली कि ओंकार को संगरूर ले जाया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ बदसलूकी हुई और अपमानजनक शब्द कहे गए, जिससे वह आहत हुए। बाद में संगरूर और फिर धूरी पहुंचने पर भी पुलिस अधिकारियों द्वारा रास्ता रोके जाने और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा।

“भावुक होकर निकले शब्द”
बिट्टू ने आयोग के सामने कहा कि पुलिस के व्यवहार और माहौल के कारण वह भावुक हो गए थे। उन्होंने दोहराया कि अगर उनके मुंह से कोई आपत्तिजनक शब्द निकले, तो इसके लिए वह खेद प्रकट करते हैं।

क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 26 मई 2026 को पंजाब निकाय चुनाव के मतदान के दिन का है। धूरी (संगरूर) में भाजपा नेता ओंकार सिंह की हिरासत को लेकर बिट्टू और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद उन पर जातिसूचक टिप्पणी करने के आरोप लगे।

आम आदमी पार्टी ने इस घटना को ‘गुंडागर्दी’ करार दिया था।

आयोग ने लिया था संज्ञान
मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब एससी आयोग ने बिट्टू को तलब किया था और संगरूर पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। वह पहले निर्धारित तारीखों पर पेश नहीं हो सके थे, लेकिन अब उन्होंने व्यक्तिगत रूप से आयोग के सामने अपना पक्ष रख दिया है।