बठिंडा (Narendra Singh Danu) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘सरपंच मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास को लेकर बड़ा संदेश देते हुए सरपंचों को पंजाब के बदलाव का नेतृत्व करने का आह्वान किया।
उन्होंने रामपुरा फूल और तलवंडी साबो के सरपंचों और पंचों से बातचीत करते हुए कहा कि अगर पंजाब को देश का सबसे विकसित राज्य बनाना है, तो गांवों का विकास सबसे ज्यादा जरूरी है।
🌾 सरपंचों को दिया मुख्य संदेश
सरपंच गांव के वास्तविक नेता और बदलाव के केंद्र हैं
सही नेतृत्व से गांव की पूरी तस्वीर बदल सकती है
पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि “सरपंच सरकार और गांव के बीच पुल हैं” और उन्हें निष्पक्ष होकर सभी के लिए काम करना चाहिए।
💰 फंड की कमी नहीं, सही उपयोग जरूरी
उन्होंने स्पष्ट किया:
सरकार की ओर से फंड की कोई कमी नहीं
लेकिन खर्च ईमानदारी और पारदर्शिता से हो
हर वर्ग को लाभ मिले, इसका ध्यान रखा जाए
🏗️ विकास की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री ने सरपंचों को विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने को कहा:
📚 लाइब्रेरी और स्कूल निर्माण
☀️ सोलर लाइटें
🛣️ गलियां और नालियां
🌱 पर्यावरण संरक्षण
🚜 किसानों और सिंचाई पर फोकस
नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर
सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने की प्रतिबद्धता
कृषि को समर्थन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
🤝 गुटबाजी खत्म करने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा:
गांवों में गुटबाजी विकास में बाधा है
चुने जाने के बाद सरपंच पूरे गांव का होता है
सभी के साथ समान व्यवहार जरूरी है
👩💼 महिलाओं की भागीदारी पर जोर
उन्होंने महिला सशक्तिकरण को अहम बताते हुए कहा:
महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे हैं
राजनीति में भी उनकी भागीदारी बढ़नी चाहिए
शिक्षा और अवसरों से ही वास्तविक सशक्तिकरण संभव है
📌 खास बातें
पंचायतें सरकार की “आंख और कान” हैं
योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका
गांवों को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने का आह्वान
🔎 निष्कर्ष
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का यह संदेश साफ है कि पंजाब का विकास गांवों से शुरू होगा।
अगर पंचायतें पारदर्शिता, एकता और सही प्राथमिकताओं के साथ काम करें, तो राज्य को देश का सबसे विकसित प्रदेश बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।