कांग्रेस ने मोहन यादव और उनके परिवार पर भूमि खरीद को लेकर सवाल उठाकर बढ़ाया राजनीतिक दबाव

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu): नई दिल्ली में कांग्रेस ने मोहन यादव और उनके परिवार द्वारा उज्जैन क्षेत्र में कथित भूमि खरीद को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि यह मामला सिर्फ जमीन खरीद तक सीमित नहीं, बल्कि सत्ता और आर्थिक लाभ के बीच संबंधों को दर्शाता है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार में अनियमितताओं का सिलसिला बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मुद्दे के पीछे आंतरिक राजनीतिक खींचतान भी हो सकती है और यह सत्ता तथा लाभ के बंटवारे से जुड़ा मामला है।

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने उज्जैन में चल रहे संगठन सृजन अभियान का हवाला देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर जमीन से जुड़े घोटालों की चर्चा पहले से हो रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2028 के सिंहस्थ के लिए चल रहे 7,379 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के संदर्भ में यह मामला और अधिक गंभीर हो जाता है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के बाद दिसंबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच कथित तौर पर 137 प्लॉट (लगभग 168 एकड़) खरीदे गए, जबकि 2021 से 2023 के बीच 57 प्लॉट (करीब 86 एकड़) की खरीद का दावा किया गया है। ये जमीनें परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम पर दर्ज बताई गई हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अधिकांश प्लॉट उन क्षेत्रों में हैं जो उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत खेती से रिहायशी या व्यावसायिक उपयोग में बदले जा रहे हैं या नई सड़क परियोजनाओं के आसपास स्थित हैं। आरोप यह भी है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद इन्हीं इलाकों में सड़क और हाईवे परियोजनाओं की घोषणा से जमीन की कीमतों में तेजी आई, जिससे शुरुआती निवेश करने वालों को लाभ हुआ।

हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक मुख्यमंत्री या राज्य सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।