अंगदान अभियान को बड़ी सफलता, 5 लाख से अधिक लोगों ने जताई सहमति

नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : देश में अंगदान को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। अंगदान अभियान के तहत अब तक पांच लाख से अधिक लोग अंगदान की प्रतिज्ञा ले चुके हैं, जो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अंग एवं ऊतक दान को अब एक मानवीय और जीवनदायी कार्य के रूप में व्यापक स्वीकार्यता मिल रही है। इससे प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे हजारों मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद बढ़ी है। यह सफलता केंद्र सरकार द्वारा स्वैच्छिक अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम भी है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस अभियान में सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों, स्वास्थ्यकर्मियों, शैक्षणिक संस्थानों और मीडिया की अहम भूमिका रही है। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक सहयोग की भी सराहना की।

उन्होंने बताया कि अंगों और ऊतकों की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर को कम करने के लिए जागरूकता अभियान, संस्थागत क्षमता निर्माण और प्रत्यारोपण प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा रहा है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, नैतिक और मरीज-केंद्रित बनी रहे।

हाल के वर्षों में नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अंगदान के महत्व पर दिए गए संदेशों से भी इस अभियान को नई गति मिली है। उनकी अपील के बाद लोगों में इस विषय को लेकर सकारात्मक सोच विकसित हुई है।

अंगदान की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आधार आधारित ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल भी शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक आसानी और सुरक्षित तरीके से अपनी अंगदान प्रतिज्ञा दर्ज कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह जनभागीदारी बढ़ती रही, तो आने वाले समय में अंगदान के क्षेत्र में भारत नई ऊंचाइयों को छू सकता है और हजारों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।