योग दिवस पर पंचकूला में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हजारों संग किया योगाभ्यास

पंचकूला (Narendra Singh Danu) : 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 2026 के अवसर पर पंचकूला पूरी तरह योगमय नजर आया। सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हजारों नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास कर योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण में योग की भूमिका को रेखांकित किया।

कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप तब मिला, जब हरियाणा में अध्ययनरत और कार्यरत 16 मित्र देशों के सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस दौरान स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री कुमारी आरती सिंह राव भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने समारोह से पूर्व हरित योग अभियान के तहत पौधारोपण किया और विभिन्न योग संस्थाओं—हरियाणा योग आयोग, पतंजलि योग संस्थान, भारतीय योग संस्थान तथा एनर्जेटिक योग संस्थान द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज एक वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है। उन्होंने इसे भारतीय सनातन परंपरा का उत्सव बताते हुए कहा कि योग ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ के विचार को साकार करता है।

उन्होंने कहा कि आज योग पूरी मानवता को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन गया है। पंचकूला में आयोजित इस कार्यक्रम में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल सहित 16 देशों के युवाओं की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि योग सीमाओं और संस्कृतियों से परे मानवता को एक सूत्र में पिरोने की क्षमता रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भारत के लिए गर्व का विषय है कि आज पूरी दुनिया हमारी इस प्राचीन विरासत को अपनाकर सम्मान दे रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ है, जो बढ़ती आयु के साथ स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मोटापा जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में योग एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आया है। आधुनिक शोध भी यह प्रमाणित करते हैं कि नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।

मुख्यमंत्री ने कोविड महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन समय में योग और प्राणायाम ने लोगों को मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास प्रदान किया। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि हरियाणा को खेलों के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली में भी अग्रणी बनाना सरकार का लक्ष्य है। इसी दिशा में स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और पंचायतों के माध्यम से योग को जन-आंदोलन बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए स्वस्थ नागरिक और जागरूक समाज आवश्यक हैं। उन्होंने लोगों से योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वृद्ध सेवा एवं स्वास्थ्य पोर्टल और ‘संजीवनी योग प्रोग्राम’ का शुभारंभ किया। साथ ही ‘योगमय हरियाणा’ पत्रिका, सामान्य योग प्रोटोकॉल पुस्तिका और स्वामी रामदेव की पुस्तक ‘योगर्षियोगनिघण्टुः’ का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य ने योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया, जिसमें आईटीबीपी, सीआरपीएफ, पुलिस बल, विद्यार्थियों और आम नागरिकों सहित विभिन्न योग संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रही।

स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और अनमोल धरोहर है, जो आज वैश्विक स्तर पर लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने ‘योगयुक्त-नशामुक्त हरियाणा’ के संकल्प को समय की आवश्यकता बताया।

स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाने का माध्यम है। उन्होंने योग को दैनिक जीवन में शामिल करने पर जोर दिया।

इस मौके पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।