नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने असोला भाटी स्थित नीली झील क्षेत्र में आयोजित विशेष योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया और नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया।
इस वर्ष दिल्ली सरकार ने “एक दिल्ली, एक योग” की थीम के तहत राजधानी की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ योग कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिनमें हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, वरिष्ठ अधिकारी, योग प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को स्वस्थ और सकारात्मक बनाए रखने में सहायक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2014 में संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे वैश्विक स्तर पर व्यापक समर्थन मिला और आज योग पूरी दुनिया में जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने असोला भाटी क्षेत्र को दिल्ली का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक स्थल बताते हुए कहा कि यहां की जैव विविधता, हरित क्षेत्र और वन्यजीव इसे विशेष बनाते हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में तेंदुआ, हिरण, नीलगाय और अनेक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं, जो इस इकोसिस्टम को समृद्ध बनाती हैं।
उन्होंने पर्यावरण एवं वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि असोला और दक्षिणी रिज क्षेत्र में देशी वृक्षों के पौधारोपण और वन संरक्षण का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिससे हरित आवरण को मजबूती मिल रही है।
योग कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने “विकसित भारत नर्सरी” का निरीक्षण किया और पौधारोपण तथा जैव विविधता संरक्षण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की।
इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली सरकार जल्द ही “क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली” अभियान शुरू करेगी, जिसके तहत इस वर्ष 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पौधारोपण और योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि प्रकृति और योग के साथ जुड़ाव ही स्वस्थ और संतुलित जीवन की कुंजी है।