पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र, उझा (पानीपत) द्वारा किसानों के लिए एक विशेष जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा, जिसमें देशभर के पात्र किसानों के बैंक खातों में आधार से जुड़े खातों के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए Rs.2,000 की राशि हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर गांव बसाड़ा की सरपंच श्रीमती मीनाक्षी देवी ने स्थानीय जनप्रतिनिधि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए महिलाओं को शिक्षा, कृषि एवं स्वरोजगार गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, पानीपत के प्रभारी डॉ. सतपाल सिंह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के उद्देश्यों एवं किसानों के लिए इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिससे वे कृषि कार्यों के लिए आवश्यक कृषि आदानों की खरीद समय पर कर सकें तथा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अपने आधार, बैंक खाते एवं ई-केवाईसी संबंधी विवरण समय-समय पर अपडेट करवाते रहें ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा सीधे किसानों के खातों में सहायता राशि भेजे जाने से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है तथा किसानों को समय पर लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों ने भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। किसानों ने बताया कि योजना से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग वे बीज, उर्वरक, कीटनाशक तथा अन्य कृषि आदानों की खरीद में करते हैं, जिससे खेती की लागत वहन करने में सहायता मिलती है। किसानों ने योजना को कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के सीधा प्रसारण से पूर्व कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को विभिन्न कृषि एवं पशुपालन संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। किसानों को धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) की उन्नत उत्पादन तकनीक, डीएसआर में खरपतवार प्रबंधन, धान के बीज उपचार की वैज्ञानिक विधियों तथा इसके लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि धान की सीधी बिजाई तकनीक जल संरक्षण, श्रम लागत में कमी तथा समय की बचत के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसके अतिरिक्त किसानों को धान की फसल में उभर रही सदर्न राइस ब्लैक स्ट्रिक ड्वार्फ वायरस बीमारी के लक्षणों, पहचान एवं नियंत्रण उपायों की जानकारी भी दी गई। किसानों को सलाह दी गई कि वे फसल की नियमित निगरानी करें तथा रोग फैलाने वाले वाहक कीटों के नियंत्रण हेतु वैज्ञानिक सिफारिशों का पालन करें।
पशु विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप दूड़ी ने ग्रीष्म ऋतु में पशुओं के स्वास्थ्य एवं उत्पादन बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन उपाय बताए। उन्होंने कहा कि अधिक गर्मी से पशुओं में हीट स्ट्रेस हो सकता है, जिससे दूध उत्पादन व प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। उन्होंने पशुओं को पर्याप्त स्वच्छ पानी, छायादार स्थान, संतुलित आहार, खनिज मिश्रण एवं नमक देने की सलाह दी। सब्जी विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार ने बेल वाली सब्जियों की उन्नत उत्पादन तकनीक पर संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने लौकी, तोरई, कद्दू व खीरा जैसी फसलों में उचित किस्म चयन, समय पर बुवाई तथा कीट-रोग प्रबंधन पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम में लगभग 120 किसानों ने भाग लिया और विभिन्न तकनीकी सत्रों में सक्रिय रूप से सहभागिता की। अंत में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को विश्वविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा समय-समय पर संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं कृषि परामर्श सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पानीपत के उपनिदेशक कृषि डॉ. बलवंत सिंह ने किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनके लाभों पर प्रकाश डाला। वहीं श्री नरेश रावल (उझा, पानीपत), डॉ. राजेश भारद्वाज एवं डॉ. अरविंद कुमार ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।