न्यूयॉर्क के विश्व प्रसिद्ध MSKCC में विशेष ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी प्रशिक्षण पूरा कर डॉ. अनुभव शर्मा ने DMCH और उत्तर भारत का बढ़ाया गौरव

लुधियाना (दलजीत अज्नोहा) : उत्तर भारत में ऑर्थोपेडिक कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच), लुधियाना के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अनुभव शर्मा ने न्यूयॉर्क, अमेरिका स्थित विश्व प्रसिद्ध मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर (MSKCC) में प्रतिष्ठित क्लीनिकल ऑब्जर्वरशिप सफलतापूर्वक पूर्ण की है। MSKCC को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कैंसर अस्पतालों में गिना जाता है।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान डॉ. शर्मा ने MSKCC के ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग की प्रमुख तथा जैक बर्न चेयर धारक डॉ. कैरोल मॉरिस के मार्गदर्शन में कार्य किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने हड्डियों एवं सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर के जटिल मामलों के लिए उन्नत सर्जिकल योजना, आधुनिक उपचार रणनीतियों, मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड चर्चाओं, साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया, एडवांस इमेजिंग तकनीकों तथा मरीज-केंद्रित उपचार मॉडल का गहन अध्ययन किया।

डॉ. शर्मा के प्रदर्शन की न्यूयॉर्क के चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी सराहना की। अपनी मूल्यांकन रिपोर्ट में डॉ. कैरोल मॉरिस ने जटिल ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी मामलों की उनकी गहरी समझ तथा उन्नत सर्जिकल अवधारणाओं को शीघ्रता से आत्मसात करने की क्षमता की विशेष प्रशंसा की। इस उपलब्धि के साथ डॉ. शर्मा अब जटिल लिम्ब-सेल्वेज सर्जरी और ऑर्थोपेडिक ट्यूमर सर्जरी से संबंधित वैश्विक स्तर की विशेषज्ञता भारत लेकर लौटे हैं।
अपने अनुभव साझा करते हुए डॉ. अनुभव शर्मा ने कहा कि MSKCC में प्रशिक्षण उनके लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें उन्नत सर्जिकल योजना, प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी, बहु-विषयक सहयोग तथा मरीजों के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने वाली आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों को निकट से समझने का अवसर मिला। उन्होंने डीएमसीएच प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह इन अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपने दैनिक चिकित्सा अभ्यास में लागू कर मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस ऑब्जर्वरशिप के माध्यम से MSKCC और डीएमसीएच के बीच अकादमिक एवं क्लीनिकल सहयोग का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। इस साझेदारी का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा नवाचारों को डीएमसीएच से जोड़ना तथा स्थानीय मरीजों को विदेश गए बिना विश्वस्तरीय उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

डीएमसीएच मैनेजिंग सोसाइटी के सचिव बिपिन गुप्ता ने इस उपलब्धि को संस्थान और उत्तर भारत में ऑर्थोपेडिक कैंसर देखभाल के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि डीएमसीएच हमेशा उन्नत चिकित्सा शिक्षा और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है।

डीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ. गुरप्रीत वांडर ने डॉ. शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि MSKCC जैसे विश्वस्तरीय संस्थान से प्राप्त ज्ञान और अनुभव अस्पताल में मरीजों की देखभाल के स्तर को और बेहतर बनाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि डॉ. शर्मा की यह उपलब्धि डीएमसीएच की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

डॉ. अनुभव शर्मा की यह उपलब्धि न केवल डीएमसीएच बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए गर्व का विषय है और इससे क्षेत्र में ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी उपचार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।