जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों और आम आदमी क्लीनिकों में ORS-जिंक कॉर्नर स्थापित — डॉ. मनदीप कमल

होशियारपुर (दलजीत अज्नोहा) : भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार तथा सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल के नेतृत्व में जिले में 16 जून से 31 जुलाई 2026 तक “दस्त रोकथाम अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में दस्त की रोकथाम, समय पर उपचार तथा दस्त के कारण होने वाली गंभीर परिस्थितियों को कम करना है।

सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों और आम आदमी क्लीनिकों में ORS-जिंक कॉर्नर स्थापित कर दिए गए हैं, जहां दस्त से पीड़ित बच्चों के लिए ORS एवं जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि दस्त के दौरान शरीर में पानी की कमी से बचाव के लिए ORS का घोल तथा जिंक की निर्धारित खुराक बहुत प्रभावी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में दस्त के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत ORS देना शुरू करें तथा नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सीमा गर्ग ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों तथा समुदाय के सहयोग से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि दस्त की रोकथाम के लिए जन्म के बाद पहले छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध पिलाना, रोटावायरस सहित सभी टीके समय पर लगवाना, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का उपयोग करना, साफ-सफाई बनाए रखना तथा भोजन करने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाना बहुत जरूरी है।

डॉ. सीमा गर्ग ने आगे बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग, पंचायती राज संस्थाओं तथा अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से विभिन्न जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएंगी।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घरों और आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखें, स्वच्छ शौचालयों का उपयोग करें, कचरे का उचित निपटान करें तथा पीने के पानी को सुरक्षित रखें। बच्चों में दस्त के लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही दस्त के कारण होने वाली बीमारी और मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।