हरियाणा में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती, कांग्रेस के कार्यक्रमों पर शर्तें लागू

चंडीगढ़: Indian National Congress की हरियाणा इकाई में नया विवाद उभरता दिख रहा है। प्रदेश अध्यक्ष Rao Narender Singh द्वारा जारी ताजा निर्देशों के बाद संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने सोमवार को जारी पत्र में पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी धरना, प्रदर्शन, रैली या राजनीतिक कार्यक्रम से पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाले बैनर-पोस्टर में नेताओं के फोटो संगठनात्मक प्रोटोकॉल और वरिष्ठता के अनुसार ही लगाए जाएंगे।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व में जारी निर्देशों का पालन सही तरीके से नहीं हो रहा था, जिसके चलते अब सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को इन्हें गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी कार्यक्रमों की सूचना जिलाध्यक्षों के माध्यम से प्रदेश कार्यालय तक पहुंचाना जरूरी होगा, ताकि संगठनात्मक अनुशासन और समन्वय बनाए रखा जा सके।

हालांकि, इन निर्देशों को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद सामने आ चुके हैं। विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda पहले ही इस तरह की व्यवस्था पर आपत्ति जता चुके हैं। उनका कहना है कि चुने हुए सांसद और विधायक अपने क्षेत्रों के मुद्दों को उठाने और आंदोलन करने के लिए स्वतंत्र होने चाहिए और इसके लिए अलग से संगठनात्मक अनुमति की बाध्यता उचित नहीं है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे ने हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी और संगठन बनाम जनप्रतिनिधि की खींचतान को एक बार फिर सतह पर ला दिया है। आने वाले समय में यह विवाद और गहराने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।