नगरपालिका भर्ती घोटाले में जांच तेज, मदन मित्रा के ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली (Narendra Singh Dnau) : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल के कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच के तहत तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा से जुड़े सात परिसरों पर छापेमारी की है।

जांच एजेंसी के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि विभिन्न नगरपालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगरपालिका में अयोग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति दिलाने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली गई।

125 से अधिक संदिग्ध नियुक्तियों का लिंक

ED का दावा है कि मदन मित्रा का संबंध 125 से अधिक कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़ा पाया गया है, जिनमें पात्रता मानकों की अनदेखी कर भर्ती की गई।

मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की भी जांच

एजेंसी ने बताया कि मामले में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और साक्ष्यों का विश्लेषण जारी है।

आगे और खुलासों की संभावना

ED का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।